CAA AND NRS NPR ALL EXPOSE -MADANAH

 सीए ए एनआरसी एनपीआर न जाने कितने इनको नाम देकर हम और आप सुन रहे होंगे टेलीविजन पर मसालेदार बहस सुन रहे होंगे जाति धार्मिक और न जाने कितने उन माधव के बीच 

इन सभी चीजों को तोड़ मरोड़ कर और कोई अपने पक्ष में लेकर हमें पेश कर रहा है सच क्या है यह कोई नहीं जानता सरकार क्या चाहती है उसके मंसूबे भी साफ नहीं है लेकिन किसी विशेष वर्ग को ये तमाम चीजें अच्छी नहीं लग रही जो अपनी आवाज सीएएसए मुखर कर रहे हैं और ना जाने कितने जगहों पर इस देश में इस वक्त धरने प्रदर्शन और बीच-बचाव चल रहा है कोई समर्थन में रैली निकाल रहा है कोई विरोध में रैली निकाल रहा है लेकिन इन सभी चीजों में खर्च जो हो रहा है वह हमारा देश हो रहा है इन सभी झूठे इलाकों से देश को कुछ मिले या ना मिले लेकिन हम आम जनता जिनका सीधा सरोकार इनसे है भी और नहीं भी है उन्हें परेशानियां उठानी पड़ रही है लगता है सरकार मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए यह नई नई चीजें और यह 70 सालों की परेशानियां और न जाने कितने बड़े बड़े डॉग बताकर हटाना चाहती है वही कभी यह लगता है कि सरकार 6 साल जो कार्यकाल हुआ बिना विरोध के शांतिपूर्वक हुआ जिसके खिलाफ मुक्ता से आवाज उठाने वाला विपक्ष जो खत्म हो चुका था उसे एक नई जान मिली है और उसका फायदा उठा रहा है बेहाल जो भी हो हम जनता है अच्छा भी हमारा बुरा भी हमारा

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